र्षीय बीबी प्रकाश कौर मेरे किसी सवाल का जवाब नहीं देती हैं. 'यूनीक होम्स फ़ॉर गर्ल्स' की आलीशान इमारत के सामने घास के मैदान पर नंगे पांव टहलते हुए कमर पर हाथ रख कहती हैं, "मैंनूं छेड़ न, मैं बहुत पक्क गई हैं, पहलां मैनूं दस्स कि मुज़्ज़फरपुर वाले आदमी नू सज़ा होएगी या नहीं?" फिर कहती हैं, "मन करदा ए किते दूर चली जांवां ते वाहेगुरु दा नाम जपां..." मेरे सवालों पर वो कहती हैं, "मेरे पास तेरे हर सवाल का ये जवाब है कि यतीमख़ानों में छोटी लड़कियां बेची जा रही हैं और बड़ी लड़कियों का यौन शोषण हो रहा है, बस इससे आगे मुझसे बात न कर." 26 साल से प्रकाश कौर पंजाब के जालंधर में इस यूनीक होम के ज़रिए अनाथ और छोड़ दी गई बच्चियों को घर और मां का प्यार दे रही हैं. प्रकाश कौर की आगे की बातचीत के लिए वह एक शर्त पर राज़ी होती हैं, "इन्हें यतीम नहीं कहना, न इसे यतीमख़ाना, यह घर है मेरी बेटियों का." अपनी ज़िंदगी भी यतीमखाने में बीती है. धिकारियों ने चेतावनी दी है कि अमरीका के पूर्वी तट के नज़दीक आ रहे समुद्री तूफ़ान फ़्लोरेंस की वजह से '...