अक्टूब र के पहले हफ़्ते के आ ख़िर में ईरान के विदेशी मुद्रा और सोना बाज़ार में भारी ख़ामोशी छाई रही. "इस समय डॉलर का क्या भाव है?" इस साधारण से सवाल का जवाब नामुमकिन की हद तक मुश्किल हो गया है. डॉलर और रियाल की क़ीमत पता करने की बीबीसी फ़ारसी की कोशि श कुछ इस तरह के सवालों और जवाबों के साथ समाप्त हो गई, जैसे "आप कितना डॉलर ख़रीदना चाहते हैं" या "माफ़ कीजिए हम ये कारोबा र नहीं करते हैं." वे वेबसा इट्स जो आम तौर पर क़ीमतों में उतार-चढ़ाव दिखाते हैं, पहुंच से बाहर हैं. सोना और करेंसी मार्केट से जुड़ी जानकारियां देने वाले ऑनलाइ न प्लेटफॉर्म पूरी तरह से बंद करा दिए गए हैं. इनकी जानकारियों के आधार पर सोने के भाव और डॉलर-रियाल की क़ीमतों के अंतर का अंदाज़ा लगाया जा सकता था.रान की न्यायपालिका के प्रमुख सा दिक़ लारीजा नी के पिछले दिनों इंटरनेट और सोशल साइट्स पर अर्थव्यवस्था को लेकर कयास लगाने वालों के ख़़िलाफ़ सख़्त कदम उठाने की बात कही थी. कुछ वेबसाइट्स का ये कहना है कि इंटरनेट पर इस नाकेबंदी की वजह सादिक़ लारीजानी का यही बयान है. ये पहली बार नही...