अरुण जेटली का हाल जानने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एम्स पहुंचे.
पूर्व
वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली सांस लेने में समस्या के चलते पिछले एक सप्ताह से नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हैं.जेटली को आईसीयू में रखा गया है. एम्स ने एक हफ़्ता पहले उनकी सेहत को लेकर हेल्थ बुलेटिन जारी किया था. उसके बाद से लेकर अब तक अस्पताल की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है.
नौ अगस्त को एम्स ने बताया था कि पूर्व वित्त मंत्री का इलाज विभिन्न विभाग के डॉक्टरों की एक टीम कर रही है. अस्पताल ने उनकी हालत को 'हीमोडायनैमिकली स्टेबल' बताया था.
'हीमोडायनैमिकली स्टेबल' होने का मतलब है कि दिल उतनी ऊर्जा पैदा कर पा रहा है कि वह ख़ून को धमनियों में सही ढंग से भेज सके. इससे ख़ून का प्रवाह सही रहता है और शरीर के अंगों तक ऑक्सिजन पहुंचती रहती है.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से पहले कई नेता, रिश्तेदार और अन्य क़रीबी एम्स जाकर अरुण जेटली की सेहत का जायज़ा ले चुके हैं.
नौ अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन उन्हें देखने के लिए अस्पताल पहुंचे थे.
66 वर्षीय अरुण जेटली पिछली मोदी सरकार में वित्त मंत्री थे. उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था. स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी ज़िम्मेदारियों को कई बार पीयूष गोयल को दिया गया.
इस साल फ़रवरी में वह इलाज के लिए देश से बाहर गए थे जिसके कारण वह अंतरिम बजट पेश नहीं कर पाए थे.
मई में बीजेपी की दोबारा सरकार बनने के बाद जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि वह स्वास्थ्य कारणों से नई सरकार में कोई ज़िम्मेदारी नहीं चाहते हैं.
उन्होंने पत्र में लिखा था कि बीते 18 महीनों से उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं हैं जिसके कारण वह कोई पद नहीं लेना चाहते हैं.
वकालत से राजनीति में आए अरुण जेटली बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शुमार हैं.
जेटली दिल्ली एवं ज़िला क्रिकेट संघ डीडीसीए के अध्यक्ष भी रहे और अभी राज्यसभा सांसद हैं.
रवि शास्त्री टीम इंडिया के कोच बने रहेंगे. रवि शास्त्री को कपिल देव की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय समिति ने
भारतीय क्रिकेट टीम का कोच चुना है.
कपिल देव के अलावा इस समिति में अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी भी शामिल थीं. कपिल देव ने रवि शास्त्री को क्रिकेट कोच बनाए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इस दौड़ में न्यूज़ीलैंड के माइक हेसन दूसरे स्थान पर रहे जबकि ऑस्ट्रेलियाई टॉम मूडी तीसरे स्थान पर रहे.
रवि शास्त्री 2017 में चैंपियंस ट्रॉफ़ी की समाप्ति के बाद से ही टीम इंडिया के हेड कोच बने हुए हैं. बतौर कोच शास्त्री के समय में टीम इंडिया टेस्ट और वनडे रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंची है. इसके अलावा टीम इंडिया ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराने का करिश्मा कर दिखाया.
हालांकि उनकी अगुवाई में टीम 2019 का वर्ल्ड कप नहीं जीत सकी, जहां उसे न्यूज़ीलैंड के हाथों सेमीफ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा था.
रवि शास्त्री के अब तक के कार्यकाल में भारतीय टीम ने अब तक 60 वनडे मैचों, 21 टेस्ट मैचों और 36 टी-20 मैच खेले हैं. इसमें टीम इंडिया 43 वनडे, 13 टेस्ट और 25 टी-20 मुक़ाबलों में जीत हासिल की है.
शास्त्री का पलड़ा किन वजहों से भारी रहा, ये सवाल पूछे जाने पर समिति में शामिल अंशुमन गायकवाड़ ने बताया, "शास्त्री को सिस्टम के बारे में और टीम के खिलाड़ियों को अच्छे से पता है. उनकी टीम के खिलाड़ियों से अच्छा संवाद है और उनकी कम्यूनिकेशन स्किल भी बहुत अच्छी है."
वहीं कपिल देव ने बताया, "पहले तीनों में बहुत अंतर नहीं रहा. हमलोगों ने 100 में अपने अपने अंक इन कोचों को दिए. आपस में कोई बात नहीं की. शास्त्री को मामूली बढ़त ही मिली थी. हेसन और मूडी भी अच्छे कोच हैं."
Comments
Post a Comment